मार्च 2026 में FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹1.23 लाख करोड़ निकाल लिए, लेकिन फिर भी बाजार नहीं टूटा। आखिर इसके पीछे कौन-सी ताकत काम कर रही थी? क्या भारतीय बाजार अब विदेशी निवेशकों पर पहले जितना निर्भर नहीं रहा?rnrnमार्च 2026 भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे अहम महीनों में से एक रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने रिकॉर्ड स्तर पर करीब ₹1.23 लाख करोड़ की बिकवाली की। आमतौर पर इतनी बड़ी Selling के बाद बाजार में भारी गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग रही। आखिर ऐसा क्यों हुआ? इस वीडियो में हम डेटा के जरिए समझेंगे कि FIIs की रिकॉर्ड बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार क्यों मजबूत बना रहा और घरेलू निवेशकों की ताकत कैसे बढ़ी।rnrnवीडियो में जानिए कैसे Mutual Funds, SIP, Domestic Institutional Investors (DIIs), Insurance Funds और Pension Funds ने विदेशी बिकवाली का असर काफी हद तक कम कर दिया। साथ ही समझिए कि मार्च 2020 और मार्च 2026 की परिस्थितियों में क्या बड़ा अंतर था, क्यों Asset Base बढ़ने से FIIs Selling का असर पहले जैसा नहीं रहा और किन वजहों से Global Investors ने भारत से पैसा निकाला। इसके अलावा Crude Oil, Geopolitical Tension, US Interest Rates और Global Economy जैसे बड़े जोखिमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है।