अमेरिका ने रूस और ईरान के तेल पर दी गई छूट खत्म कर दी है, जिससे भारत जैसे देशों पर सैंक्शन का खतरा बढ़ गया है। ईरान युद्ध और होर्मुज़ संकट के बीच तेल कीमतें 95–100 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। भारत, जो भारी आयात पर निर्भर है, उसे महंगे तेल, बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सप्लाई स्थिर है, लेकिन आगे हालात चुनौतीपूर्ण दिख रहे हैं।